जाने महान वैज्ञानिक विलियम हार्वे की जीवन गाथा : जिन्होंने रक्त परिसंचरण की प्रक्रिया की खोज कर बताया, "रक्त ह्रदय से फेफड़ों में जाता है, जहाँ यह शुद्ध होकर वापस ह्रदय में आता है" पढ़े पूरा लेख |

Share:
विलियम हार्वे एक ब्रिटिश चिकित्सा विज्ञानी थे, जिन्हीने अपने विभिन्न प्रयोगों द्वारा रक्त के प्रवाह पर निष्कर्ष निकला, और उनका यह शोध 1628 में प्रकाशित हुआ| उन्होंने सिर्फ इस बात की ही खोज नहीं की थी की रक्त शरीर में वाहिकाओं के माध्यम से बहता है, बल्कि उन्होंने दो चरणों वाली रक्त परिसंचरण की पूरी प्रक्रिया की खोज की| उन्होंने इस बात का पता लगाया की रक्त ह्रदय से फेफड़ों में जाता है, जहाँ यह शुद्ध होकर वापस ह्रदय में आता है| यहाँ से रक्त धमनियों के एक संजाल के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों में जाता है| हार्वे की इस खोज से कई प्रकार के रोगों और रक्त वाहिकाओं के ठीक प्रकार से काम न करने आदि के इलाज में मदद मिली| कुछ इतिहासकारों के अनुसार एक अरब डाक्टर इब्न-अल-नफीस (Ibne-Al-Naffis , 1205-1288) ने भी यही खोज पहले ही कर ली थी| परन्तु इसका श्रेय विलियम हार्वे को ही जाता है|

जीवन में प्रमुख घटनायें एवं प्रमुख वैज्ञानिक योगदान (Major Events in Life & Major Scientific Contributions) :-

जन्म – 1 अप्रैल 1578, फोकस्टोन, केंट, इंग्लैंड
मृत्यु – 3 जून 1657, केंट, इंग्लैंड
हार्वे को जानवरों पर प्रयोग करने में रूचि थी | उनका विवाह सुश्री ब्राउन के साथ हुआ था, जी कि 1604 में रानी एलिजाबेथ के चिकित्सक की पुत्री थी | हार्वे ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, से स्तानक की पढाई की, तथा पडुआ, इटली में मेडिकल स्कूल से मेडिकल की शिक्षा प्राप्त की| हार्वे 1628 में, राजा जेम्स प्रथम और उनके उत्तराधिकारी राजा चार्ल्स प्रथम के चिकित्सक नियुक्त हुए | हार्वे को गुस्सा बहुत जल्दी आता था और वह हमेशा एक खंजर रखते थे| 1628 में उन्हें नाइट की उपाधि मिली | उनके शोध-पात्र लैटिन में प्रकाशित हुए, जिनका बाद में “On Motion of Heart and Blood in Animals” नाम से अंग्रेजी में अनुवाद हुआ|

उन्होंने रक्त के परिसंचरण और ह्रदय की चिकित्सा की कुछ विधियों की भी खोज की| उन्होंने इस बात का भी पता लगाया की शिरायें (veins) और धमनियां (arteries) छोटे और लगभग अदृश्य किसी माध्यम से जुडी रहती हैं|

#Scientist William Harvey Biography in Hindi,