इंसुलिन की संरचना जिसने निर्धारित की आइये जाने उस महान वैज्ञानिक की जीवनगाथा :फ्रेड्रिक सैंगर (Frederick Sanger)

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हमारे यह जानने के बाद कि, इंसुलिन मधुमेह को नियंत्रित करता है, इसकी संरंचना हमारे लिए रहस्य बनी हुई थी, जब तक ब्रिटिश जैव रसायन शास्त्री ने इसकी खोज नहीं कर ली| सैंगर ने इस बात का पता लगाया कि, इंसुलिन एमिनो अम्लों की दो श्रृंखलाओं से से बना होता है, जो सल्फर अणुओं के द्वारा जुड़े होते हैं| उन्होंने
इंसुलिन के सभी अमीनो एसिड की पहचान भी की, और उनके अनुक्रम को भी निर्धारित किया| यह एक आसान खोज नहीं थी| उन्होंने एक नयी तकनीक विकसित की जिससे किसी श्रृंखला के अंत में एमिनो अम्ल का पता लगाया जा सकता था| इस प्रक्रिया ने प्रोटीन की संरचना का निर्धारण करने की भी नींव रखी|सेंगर इस खोज के लिए 1958 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया| उन्होंने इस पद्धति में और सुधार करके इसे और भी शक्तिशाली बनाया, जिससे डीएनए अणु में अमीनो एसिड के अनुक्रम का निर्धारण करने में भी मदद मिली| उनकी इस खोज से वैज्ञानिक अब डीएनए अणुओं में एमिनो एसिड के अनुक्रम को निर्धारित कर सकते थे, या अपनी इच्छानुसार डीएनए अणुओं का निर्माण कर सकते थे| उनके इस काम के लिए सैंगर को 1980 में, गिल्बर्ट और बर्ग, के साथ संयुक्त रूप से दूसरी बार नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया |

जीवन में प्रमुख घटनायें एवं प्रमुख वैज्ञानिक योगदान (Major Events in Life & Major Scientific Contributions) :-
 

  • जन्म – 13 अगस्त 1918, रेंडकोंब गांव, इंग्लैंड |
  • मृत्यु – 19 नवंबर 2013, कैम्ब्रिज, यूनाइटेड किंगडम |
  • सैंगर एक चिकित्सक के पुत्र थे, जिन्होंने 1932 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की| वह एक औसत छात्र थे, परन्तु उनकी जीव विज्ञान में रुचि थी |
  • 1940 में उन्होंने मार्गरेट जोआन होवे से विवाह किया| |
  • 1944 से 1951 तक उन्हें चिकित्सा अनुसन्धान के लिए बीट मेमोरियल फैलोशिप भी मिली |
  •  1951-82 तक उन्होंने ब्रिटिश मेडिकल रिसर्च काउंसिल में भी काम किया| कैम्ब्रिज में आने के बाद उन्हें जैव विज्ञान में दिलचस्पी हो गयी थी |
  •  सैंगर ने जैव रसायन क्षेत्र में कई नयी  तकनीकों की भी खोज की |
  •  वे विश्व के उन चुनिन्दा वैज्ञानिकों में से हैं, जिन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला |
 Frederick Sanger Biography In Hindi